चारधाम यात्रा से पहले सड़कों की मरम्मत तेज, 15 अप्रैल तक सभी मार्ग दुरुस्त करने का लक्ष्य

देहरादून। उत्तराखंड में आगामी चारधाम यात्रा को सुगम और सुरक्षित बनाने के लिए सरकार ने तैयारियां तेज कर दी हैं। प्रदेश के लोक निर्माण मंत्री सतपाल महाराज ने कहा है कि 15 अप्रैल तक सभी प्रमुख यात्रा मार्गों को पूरी तरह दुरुस्त करने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है। इसके लिए लोक निर्माण विभाग (PWD) और राष्ट्रीय राजमार्ग विंग मिलकर युद्ध स्तर पर कार्य कर रहे हैं।
मंत्री ने जानकारी दी कि यात्रा मार्गों की स्थिति की नियमित समीक्षा की जा रही है और जहां-जहां खामियां पाई जा रही हैं, उन्हें प्राथमिकता के आधार पर दूर किया जा रहा है। उन्होंने अधिकारियों को स्पष्ट निर्देश दिए हैं कि किसी भी प्रकार की लापरवाही बर्दाश्त नहीं की जाएगी, क्योंकि हर साल लाखों श्रद्धालु चारधाम यात्रा में शामिल होते हैं।
प्रदेश में भूस्खलन की समस्या को देखते हुए विशेष सतर्कता बरती जा रही है। सरकार ने कुल 207 भूस्खलन संभावित जोन चिह्नित किए हैं। इनमें से 88 स्थानों पर स्लोप ट्रीटमेंट का कार्य पूरा हो चुका है, जबकि शेष 119 स्थानों पर काम अंतिम चरण में पहुंच चुका है। इन क्षेत्रों में सुरक्षा के लिहाज से अतिरिक्त उपाय किए जा रहे हैं, ताकि यात्रा के दौरान किसी भी तरह की बाधा उत्पन्न न हो।
मंत्री ने कहा कि यात्रियों की सुविधा के लिए सड़क चौड़ीकरण, गड्ढों की मरम्मत, संकेतक बोर्ड लगाने और सुरक्षा बैरियर मजबूत करने जैसे कार्य भी तेजी से किए जा रहे हैं। इसके साथ ही संवेदनशील स्थानों पर मशीनरी और राहत दल तैनात रखने की योजना बनाई गई है, ताकि आपात स्थिति में तुरंत कार्रवाई की जा सके।
सरकार का प्रयास है कि इस बार चारधाम यात्रा पहले से अधिक सुरक्षित और व्यवस्थित हो। बेहतर सड़क व्यवस्था और मजबूत सुरक्षा उपायों के चलते श्रद्धालुओं को किसी प्रकार की असुविधा न हो, इसके लिए हर स्तर पर निगरानी रखी जा रही है।
राज्य सरकार चारधाम यात्रा को सफल बनाने के लिए हर संभव तैयारी में जुटी है, जिससे देश-विदेश से आने वाले श्रद्धालुओं को सुरक्षित और सुगम यात्रा का अनुभव मिल सके।



