IRCTC घोटाला मामला: लालू-राबड़ी और तेजस्वी पर आरोप तय करने का फैसला 22 मई तक टला

राउज़ एवेन्यू कोर्ट ने चर्चित IRCTC Hotel Scam से जुड़े मनी लॉन्ड्रिंग मामले में बड़ा फैसला लेते हुए आरोप तय करने की प्रक्रिया को 22 मई तक के लिए टाल दिया है। इस मामले में राष्ट्रीय जनता दल प्रमुख Lalu Prasad Yadav, पूर्व मुख्यमंत्री Rabri Devi और बिहार के वरिष्ठ नेता Tejashwi Yadav समेत कई अन्य आरोपी शामिल हैं।
मंगलवार को हुई सुनवाई के दौरान अदालत में सभी पक्षों की ओर से दलीलें पेश की गईं। इसके बाद विशेष अदालत ने मामले की अगली सुनवाई की तारीख 22 मई निर्धारित कर दी। अब उसी दिन यह तय किया जाएगा कि आरोपियों के खिलाफ औपचारिक रूप से आरोप तय किए जाएंगे या नहीं। इस फैसले पर राजनीतिक गलियारों के साथ-साथ आम लोगों की भी नजर बनी हुई है।
यह मामला उस समय का है जब लालू प्रसाद यादव रेल मंत्री थे। आरोप है कि रेलवे के दो होटलों के संचालन का ठेका देने में अनियमितताएं की गईं और बदले में कथित तौर पर लाभ हासिल किया गया। प्रवर्तन निदेशालय (ED) ने इसी मामले में मनी लॉन्ड्रिंग का केस दर्ज किया था। जांच एजेंसियों का दावा है कि होटल आवंटन प्रक्रिया में नियमों का उल्लंघन किया गया और इसके जरिए आर्थिक लाभ पहुंचाया गया।
वहीं, लालू परिवार लगातार इन आरोपों को राजनीतिक साजिश बताता रहा है। राजद नेताओं का कहना है कि विपक्षी नेताओं को निशाना बनाने के उद्देश्य से केंद्रीय एजेंसियों का इस्तेमाल किया जा रहा है। दूसरी ओर, भाजपा और एनडीए के नेताओं का कहना है कि कानून अपना काम कर रहा है और मामले में निष्पक्ष जांच होनी चाहिए।
अदालत के इस फैसले के बाद फिलहाल आरोपियों को थोड़ी राहत जरूर मिली है, लेकिन कानूनी लड़ाई अभी जारी रहेगी। अब सबकी निगाहें 22 मई की सुनवाई पर टिकी हैं, जहां अदालत का अगला कदम इस बहुचर्चित मामले की दिशा तय कर सकता है। बिहार की राजनीति में भी इस मामले को लेकर बयानबाजी तेज हो गई है और आने वाले दिनों में यह मुद्दा और गर्माने की संभावना है।



