निजी क्रिप्टोकरेंसी पर सख्ती के संकेत, भारत सरकार डिजिटल रुपये को दे सकती है बढ़ावा

नई दिल्ली। वित्त मंत्रित्व ने संसद में संकेत दिए हैं कि भारत सरकार आने वाले समय में निजी क्रिप्टोकरेंसी पर और सख्त नियम लागू कर सकती है। सरकार का मुख्य फोकस अपनी डिजिटल मुद्रा यानी CBDC (सेंट्रल बैंक डिजिटल करेंसी) के उपयोग को बढ़ावा देना बताया जा रहा है।
सूत्रों के अनुसार, सरकार निजी क्रिप्टोकरेंसी पर टैक्स स्लैब बढ़ाने और निवेश संबंधी नियमों को और कड़ा करने पर विचार कर रही है। इस खबर के सामने आते ही वैश्विक और भारतीय क्रिप्टो बाजार में हल्की गिरावट देखने को मिली। Bitcoin समेत कई प्रमुख डिजिटल कॉइन्स के दाम नीचे आए हैं।
भारतीय रिजर्व बैंक पहले से ही डिजिटल रुपये यानी CBDC को भविष्य की सुरक्षित और नियंत्रित डिजिटल भुगतान व्यवस्था के रूप में बढ़ावा दे रहा है। सरकार और RBI का मानना है कि निजी क्रिप्टोकरेंसी में अधिक जोखिम, अस्थिरता और वित्तीय सुरक्षा संबंधी चुनौतियां मौजूद हैं।
विशेषज्ञों का कहना है कि यदि टैक्स और नियमों को और सख्त किया गया, तो भारत में क्रिप्टो ट्रेडिंग गतिविधियों पर असर पड़ सकता है। वर्तमान में भारत में क्रिप्टो से होने वाली आय पर 30 प्रतिशत टैक्स और लेनदेन पर TDS लागू है। अब इसमें और बदलाव की संभावना जताई जा रही है।
India सरकार लगातार यह स्पष्ट करती रही है कि वह ब्लॉकचेन तकनीक के खिलाफ नहीं है, लेकिन अनियंत्रित निजी क्रिप्टोकरेंसी को लेकर सतर्क है। सरकार का उद्देश्य डिजिटल लेनदेन को अधिक पारदर्शी और नियंत्रित बनाना बताया जा रहा है।
बाजार विशेषज्ञों के अनुसार, भारत जैसे बड़े बाजार का रुख वैश्विक क्रिप्टो मार्केट को भी प्रभावित करता है। इसी कारण सरकार के सख्त संकेतों के बाद निवेशकों में सतर्कता बढ़ गई है।
दूसरी ओर कई निवेशकों और क्रिप्टो कारोबार से जुड़े लोगों का मानना है कि अत्यधिक सख्ती से इनोवेशन और डिजिटल निवेश प्रभावित हो सकता है। हालांकि सरकार वित्तीय स्थिरता और उपभोक्ता सुरक्षा को प्राथमिकता देने की बात कह रही है।



