चारधाम यात्रा में बड़ा बदलाव: अब ‘स्मार्ट दर्शन पास’ होगा अनिवार्य

देहरादून। उत्तराखंड सरकार ने चारधाम यात्रा में बढ़ती श्रद्धालुओं की भीड़ को नियंत्रित करने और यात्रियों को बेहतर सुविधा देने के लिए बड़ा फैसला लिया है। आज से चारधाम यात्रा पर आने वाले श्रद्धालुओं के लिए ‘स्मार्ट दर्शन पास’ व्यवस्था अनिवार्य कर दी गई है।
सरकार के अनुसार इस नई डिजिटल व्यवस्था का उद्देश्य मंदिरों के बाहर लंबी कतारों और भीड़भाड़ को कम करना है। अब यात्रियों को घंटों लाइन में खड़े रहने की जरूरत नहीं होगी। उन्हें मोबाइल फोन पर अलर्ट और निर्धारित समय मिलेगा, जिसके अनुसार वे मंदिर में प्रवेश कर सकेंगे।
उत्तराखंड सरकार का कहना है कि यह सिस्टम यात्रियों की सुविधा, सुरक्षा और यात्रा प्रबंधन को आधुनिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम है। चारधाम यात्रा के दौरान हर साल भारी संख्या में श्रद्धालु पहुंचते हैं, जिससे कई बार अव्यवस्था और लंबा इंतजार देखने को मिलता है।
नई व्यवस्था के तहत यात्रियों को पहले से ऑनलाइन पंजीकरण कराना होगा। इसके बाद उन्हें एक डिजिटल ‘स्मार्ट दर्शन पास’ जारी किया जाएगा। इस पास के जरिए श्रद्धालुओं को तय समय स्लॉट मिलेगा और उसी समय उन्हें मंदिर में प्रवेश की अनुमति दी जाएगी।
अधिकारियों के मुताबिक यह व्यवस्था खासतौर पर केदारनाथ मंदिर, बद्रीनाथ मंदिर, गंगोत्री मंदिर और यमुनोत्री मंदिर में भीड़ प्रबंधन को आसान बनाएगी।
यात्रा से जुड़े अधिकारियों ने बताया कि यात्रियों को अपने मोबाइल फोन सक्रिय रखने और समय स्लॉट का पालन करने की सलाह दी गई है। यदि कोई यात्री निर्धारित समय से बहुत पहले या देर से पहुंचता है, तो उसे दोबारा स्लॉट मिलने तक इंतजार करना पड़ सकता है।
पर्यटन और धर्मस्व विभाग का मानना है कि इस डिजिटल प्रणाली से यात्रा अधिक व्यवस्थित, सुरक्षित और सुगम बनेगी। साथ ही आपात स्थिति में यात्रियों की लोकेशन और संख्या की जानकारी भी प्रशासन को आसानी से मिल सकेगी।
श्रद्धालुओं ने भी इस नई व्यवस्था का स्वागत किया है। कई यात्रियों का कहना है कि इससे धक्का-मुक्की और लंबी प्रतीक्षा से राहत मिलेगी।
अब प्रशासन की नजर इस बात पर है कि आने वाले दिनों में यह ‘स्मार्ट दर्शन पास’ व्यवस्था चारधाम यात्रा को कितना सुचारु और सुविधाजनक बना पाती है।



