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डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ को मिला कुँवर आशीष सिंह परिहार सृजन सम्मान

यू.पी.ऑब्ज़र्वर न्यूज

जबलपुर। संस्कृति-स्रोतस्विनी अमृतोपमा नर्मदा के पावन तट पर अवस्थित महर्षि जाबालि की तपोभूमि, चन्देल-कुलदीपिका वीरांगना रानी दुर्गावती के (भु)जबलपुर में ‘सेठ गोविन्ददास रंगमंच’ अन्तर्राष्ट्रीय स्तर पर क्रियाशील संस्था ‘कादम्बरी’ के साहित्यकार-पत्रकार अलंकरण-सम्मान समारोह का साक्षी बना। संस्कारधानी जबलपुर के काव्यर्षि आचार्य भगवत दुबे और पण्डित राजेश पाठक ‘प्रवीण’ के नेतृत्व में विगत 30 वर्ष से हिन्दी-जगत् में ‘कादम्बरी’ की विश्वसनीयता बनी हुई है। प्रत्येक हिन्दीसेवी की यह अभिलाषा होती है कि उसे ‘कादम्बरी’ के मंच से सम्मानित किया जाय। इस वर्ष कादम्बरी ने 127 साहित्यकारों-पत्रकारों को सम्मान-अलंकरण से विभूषित किया गया।

‘कादम्बरी’ के इस सम्मानोत्सव में हिन्दी-सेवा के लिए प्रथम छह अलंकरण एकादश सहस्र की सम्मान-निधि के साथ डॉ. कृष्णबिहारी पाण्डेय (प्रयागराज), डॉ. महेश ‘दिवाकर’ (मुरादाबाद), डॉ. अनिल गहलोत (मथुरा), आचार्य ओम ‘नीरव’ (लखनऊ), डॉ. हीरालाल मिश्र ‘मधुकर’ (वाराणसी) एवं डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ को प्रदान किये गये।

डॉ. जितेन्द्रकुमार सिंह ‘संजय’ को ‘कुँवर आशीष सिंह परिहार सृजन सम्मान’ से अलंकृत होने का गौरव प्राप्त हुआ। कादम्बरी के अध्यक्ष आदरणीय आचार्य भगवत दुबे जी, महामन्त्री श्री राजेश पाठक ‘प्रवीण’ सहित सम्पूर्ण ‘कादम्बरी-परिवार’ के साथ साथ सम्मान-निधि अर्पित करनेवाली कीर्तिशेष कुँवर आशीष सिंह परिहार की वामांगिनि धर्मप्राण विदुषी कुँवरानी सपना सिंह के सौजन्य से प्राप्त हुआ।

इसी अवसर पर टीकमगढ़ के छन्दःशास्त्री श्री अशोक पटसारिया ‘नादान’ को पंच सहस्र सम्मान-निधि के साथ श्रीमती पद्मिनी श्वेता सिंह के द्वारा अपनी वैकुण्ठवासिनी श्वश्रु माँ की पुण्यस्मृति में ‘महीयसी प्रभा सिंह छन्द महोदधि सम्मान’ अर्पित किया गया।

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