सोने-चांदी के दाम में गिरावट, निवेशकों के लिए मौका या इंतजार का वक्त?

नई दिल्ली। शुक्रवार, 10 अप्रैल को सर्राफा बाजार में सोने और चांदी की कीमतों में गिरावट देखने को मिली, जिससे खरीदारों और निवेशकों के बीच नई चर्चा शुरू हो गई है। सुबह करीब 10 बजे मल्टी कमोडिटी एक्सचेंज (MCX) पर 24 कैरेट सोने का भाव घटकर 1,52,783 रुपये प्रति 10 ग्राम पर आ गया, जो पिछले स्तर से 651 रुपये कम है। वहीं चांदी की कीमत भी फिसलकर 2,42,468 रुपये प्रति किलो पर पहुंच गई, जिसमें करीब 1300 रुपये की गिरावट दर्ज की गई।
विशेषज्ञों का मानना है कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में उतार-चढ़ाव, डॉलर की मजबूती और निवेशकों की बदली रणनीति के चलते कीमती धातुओं के दाम में यह नरमी आई है। इसके अलावा वैश्विक आर्थिक परिस्थितियों और ब्याज दरों में बदलाव का भी सोने-चांदी की कीमतों पर सीधा असर पड़ता है।
हालांकि, कीमतों में आई यह गिरावट आम ग्राहकों के लिए राहत भरी खबर मानी जा रही है, खासकर उन लोगों के लिए जो शादी-ब्याह या निवेश के लिए सोना खरीदने की योजना बना रहे हैं। लेकिन बड़ा सवाल यही है कि क्या सोना और सस्ता होगा? क्या यह 1 लाख रुपये प्रति 10 ग्राम के स्तर तक नीचे आ सकता है?
बाजार विशेषज्ञ फिलहाल सावधानी बरतने की सलाह दे रहे हैं। उनका कहना है कि कीमतों में और उतार-चढ़ाव संभव है, इसलिए एकमुश्त निवेश करने के बजाय चरणबद्ध तरीके से खरीदारी करना ज्यादा सुरक्षित विकल्प हो सकता है। वहीं, लंबी अवधि के निवेशकों के लिए मौजूदा गिरावट को एक अवसर के रूप में भी देखा जा रहा है।
चांदी की बात करें तो इंडस्ट्रियल डिमांड में बदलाव के कारण इसके दाम में तेजी और गिरावट दोनों देखने को मिलती है। ऐसे में इसमें निवेश करते समय बाजार की चाल को समझना जरूरी है।
सोने-चांदी की मौजूदा कीमतें बाजार में नई संभावनाएं जरूर पैदा कर रही हैं, लेकिन समझदारी से लिया गया फैसला ही निवेशकों को फायदा पहुंचा सकता है।



