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गुजरात में फिर दौड़ेंगे चीते, केन्या से चार चीतों को लाने की तैयारी तेज

नई दिल्ली। वन्यजीव संरक्षण को लेकर बड़ी खबर सामने आई है। दुनिया के सबसे तेज दौड़ने वाले जंगली जानवर चीते को Gujarat लाने की तैयारी अब अंतिम चरण में पहुंच गई है। National Tiger Conservation Authority (NTCA) ने चार चीतों को गुजरात के कच्छ क्षेत्र में स्थानांतरित करने के प्रस्ताव को मंजूरी दे दी है। अधिकारियों के अनुसार, केंद्र सरकार की अंतिम स्वीकृति मिलने के बाद दो नर और दो मादा चीते Kenya से भारत लाए जाएंगे।

जानकारी के मुताबिक, इन चीतों को कच्छ के प्रसिद्ध Banni Grassland क्षेत्र में बसाने की योजना है। माना जा रहा है कि जुलाई या अगस्त 2026 तक ये चीते गुजरात पहुंच सकते हैं। वन विभाग और वन्यजीव विशेषज्ञ इस परियोजना को लेकर तैयारियों में जुटे हुए हैं।

अधिकारियों का कहना है कि बन्नी घासभूमि का वातावरण चीतों के लिए अनुकूल माना गया है। यहां विशाल खुले मैदान और पर्याप्त प्राकृतिक संसाधन मौजूद हैं, जो चीतों के रहने और शिकार के लिए उपयुक्त वातावरण प्रदान करेंगे। विशेषज्ञों का मानना है कि इससे भारत में चीतों के संरक्षण को नई दिशा मिलेगी।

भारत में चीतों की वापसी को लेकर पहले भी बड़े प्रयास किए गए हैं। हाल के वर्षों में अफ्रीकी देशों से चीतों को लाकर मध्य प्रदेश के कुनो नेशनल पार्क में बसाया गया था। अब गुजरात को भी इस महत्वाकांक्षी परियोजना से जोड़ने की तैयारी की जा रही है। वन्यजीव प्रेमियों और पर्यावरणविदों के बीच इस खबर को लेकर काफी उत्साह देखा जा रहा है।

वन विभाग के अधिकारियों के अनुसार, चीतों के आगमन से पहले विशेष बाड़े, निगरानी व्यवस्था और सुरक्षा इंतजाम मजबूत किए जाएंगे। साथ ही विशेषज्ञों की टीम लगातार चीतों के स्वास्थ्य और व्यवहार पर नजर रखेगी। परियोजना का उद्देश्य केवल चीतों को बसाना ही नहीं, बल्कि उनके लिए सुरक्षित और दीर्घकालिक आवास तैयार करना भी है।

विशेषज्ञों का मानना है कि यह कदम भारत में जैव विविधता संरक्षण की दिशा में महत्वपूर्ण साबित हो सकता है। वहीं स्थानीय पर्यटन को भी इससे बढ़ावा मिलने की संभावना जताई जा रही है।

अब सभी की नजरें केंद्र सरकार की अंतिम मंजूरी पर टिकी हैं, जिसके बाद गुजरात में चीतों की वापसी का ऐतिहासिक अभियान शुरू होगा।

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