स्मार्ट प्रीपेड मीटर: कम्युनिकेशन सुधारने के लिए नया नियम लागू

लखनऊ। प्रदेश में स्मार्ट प्रीपेड बिजली मीटर को लेकर नई व्यवस्था लागू की गई है, जिसके तहत अब एक मोबाइल नंबर से अधिकतम तीन बिजली कनेक्शन ही जोड़े जा सकेंगे। यह फैसला उपभोक्ताओं को हो रही तकनीकी और संचार संबंधी दिक्कतों को ध्यान में रखते हुए लिया गया है।
बिजली विभाग के अधिकारियों के अनुसार, एक ही नंबर से अधिक कनेक्शन जुड़े होने के कारण उपभोक्ताओं तक जरूरी सूचनाएं समय पर नहीं पहुंच पा रही थीं। इसका असर यह होता था कि कई बार उपभोक्ता रिचार्ज कराने के बावजूद बिजली आपूर्ति तुरंत बहाल नहीं हो पाती थी। नई व्यवस्था से इन समस्याओं को काफी हद तक दूर करने की उम्मीद है।
अधिकारियों ने यह भी स्पष्ट किया कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर में बिजली निर्बाध रूप से चलती रहे, इसके लिए उपभोक्ताओं को बैलेंस निगेटिव होने से पहले ही रिचार्ज कराना जरूरी होगा। ऐसा न करने पर कनेक्शन स्वतः कट सकता है, जिससे असुविधा हो सकती है।
प्रदेश में अब तक 70 लाख से अधिक स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगाए जा चुके हैं। हालांकि, शुरुआत में कई उपभोक्ताओं को तकनीकी दिक्कतों का सामना करना पड़ा, लेकिन बिजली विभाग का दावा है कि समय के साथ व्यवस्था में सुधार हो रहा है।
पावर कॉरपोरेशन के अध्यक्ष डॉ. आशीष कुमार गोयल और प्रबंध निदेशक पंकज कुमार ने मीडिया से बातचीत में कहा कि स्मार्ट मीटर प्रणाली से ऊर्जा क्षेत्र में पारदर्शिता और दक्षता बढ़ेगी। उनका मानना है कि यह कदम भविष्य में बिजली प्रबंधन को और मजबूत बनाएगा और उपभोक्ताओं को बेहतर सेवाएं मिलेंगी।



