स्मार्ट प्रीपेड मीटर पर नई गाइडलाइन: बिना सहमति नहीं लगेंगे प्रीपेड मीटर

लखनऊ। उत्तर प्रदेश से जुड़ी एक अहम खबर सामने आई है, जिसमें बिजली उपभोक्ताओं के अधिकारों को लेकर बड़ी स्पष्टता दी गई है। केंद्र सरकार ने साफ कर दिया है कि अब किसी भी उपभोक्ता के बिजली कनेक्शन को उसकी अनुमति के बिना प्रीपेड स्मार्ट मीटर में नहीं बदला जा सकेगा। मनोहर लाल खट्टर ने लोकसभा में यह जानकारी देते हुए कहा कि विद्युत अधिनियम 2003 की धारा 47(5) के तहत उपभोक्ता की सहमति अनिवार्य है।
नियम के अनुसार, यदि कोई उपभोक्ता स्वयं प्रीपेड मीटर लगवाना चाहता है, तो बिजली वितरण कंपनी को यह सुविधा देनी होगी और इसके लिए किसी प्रकार की सिक्योरिटी राशि नहीं ली जाएगी। वहीं, विद्युत (उपभोक्ताओं के अधिकार) नियम 2020 के तहत नए कनेक्शन स्मार्ट प्रीपेड मीटर के साथ दिए जा सकते हैं। उत्तर प्रदेश
इधर, बिजली उपभोक्ताओं के लिए एक जरूरी सूचना भी जारी की गई है। प्रदेश में शुक्रवार को करीब 16 घंटे तक बिजली बिल जमा करने और प्रीपेड मीटर रिचार्ज की सेवाएं बंद रहेंगी। पावर कॉर्पोरेशन की आईटी सेल की ओर से यह जानकारी दी गई है, जिसके तहत सभी डिस्कॉम-पूर्वांचल (वाराणसी), मध्यांचल (लखनऊ), पश्चिमांचल (मेरठ), दक्षिणांचल (आगरा) और केस्को (कानपुर)-को निर्देश भेजे गए हैं।
अधिकारियों ने उपभोक्ताओं से अपील की है कि जिनके प्रीपेड मीटर में बैलेंस कम है, वे पहले ही रिचार्ज करा लें, ताकि बिजली आपूर्ति बाधित न हो। इस दौरान तकनीकी कार्यों के चलते सेवाएं अस्थायी रूप से प्रभावित रहेंगी।
राज्य विद्युत उपभोक्ता परिषद ने भी सरकार और नियामक आयोग से इस नियम का सख्ती से पालन कराने की मांग की है, ताकि उपभोक्ताओं के अधिकार सुरक्षित रह सकें।



