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रोचक बनेगी पढ़ाई: माध्यमिक स्कूलों में लागू होगा प्रोजेक्ट बेस्ड लर्निंग

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में अब पढ़ाई को अधिक रोचक और व्यावहारिक बनाने की दिशा में बड़ा कदम उठाया गया है। उत्तर प्रदेश सरकार ने स्कूल शिक्षा प्रणाली में बदलाव करते हुए ‘वन डिस्ट्रिक्ट वन प्रोडक्ट’ (ODOP) और रचनात्मक प्रोजेक्ट्स को अनिवार्य करने का निर्णय लिया है।

इस नई पहल के तहत छात्रों को केवल किताबों तक सीमित नहीं रखा जाएगा, बल्कि उन्हें अपने जिले की विशेषताओं, स्थानीय उत्पादों और पारंपरिक कौशल से भी जोड़ा जाएगा। ODOP योजना के माध्यम से छात्र अपने जिले के प्रसिद्ध उत्पाद—जैसे हस्तशिल्प, खाद्य पदार्थ या अन्य स्थानीय उद्योग—के बारे में सीखेंगे और उनसे जुड़े प्रोजेक्ट तैयार करेंगे।

शिक्षा विभाग का मानना है कि इस पहल से छात्रों की रचनात्मकता, समझ और व्यावहारिक ज्ञान में वृद्धि होगी। साथ ही, उन्हें स्थानीय अर्थव्यवस्था और पारंपरिक उद्योगों की जानकारी भी मिलेगी। इससे छात्रों में आत्मनिर्भरता और उद्यमिता की भावना को बढ़ावा मिलेगा।

स्कूलों में शिक्षकों को भी निर्देश दिए गए हैं कि वे पढ़ाई को गतिविधि-आधारित बनाएं और छात्रों को प्रोजेक्ट वर्क के जरिए विषयों को समझने के लिए प्रेरित करें। इस बदलाव से कक्षा का माहौल अधिक इंटरैक्टिव और रुचिकर बनने की उम्मीद है।

शिक्षा विशेषज्ञों का मानना है कि इस तरह के प्रयोग छात्रों के समग्र विकास में महत्वपूर्ण भूमिका निभाते हैं। यह पहल न केवल पढ़ाई को दिलचस्प बनाएगी, बल्कि छात्रों को भविष्य के लिए बेहतर तरीके से तैयार भी करेगी। साथ ही जिला स्तर पर आयोजित होने वाले शिल्प मेले और ओडीओपी से जुड़ी प्रदर्शनियों का भ्रमण भी छात्रों को कराया जाएगा, ताकि वे अपने क्षेत्र की पारंपरिक कला, शिल्प और उद्योगों को करीब से समझ सकें। वहीं कक्षा 9 और 11 के छात्रों के लिए नए सत्र शुरू होने से पहले रचनात्मक प्रोजेक्ट कार्य अनिवार्य कर दिया गया है।

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