1 अप्रैल से स्कूलों में बदलेगा माहौल, अब अखबार पढ़ेंगे छात्र, मोबाइल पर लगेगी रोक

लखनऊ। उत्तर प्रदेश के माध्यमिक विद्यालयों में नए शैक्षणिक सत्र (1 अप्रैल से) कई अहम बदलावों के साथ शुरू होने जा रहा है। अब स्कूलों की प्रार्थना सभा सिर्फ औपचारिक नहीं रहेगी, बल्कि इसे ज्ञानवर्धन का माध्यम बनाया जाएगा।
सरकार के नए निर्देशों के अनुसार, प्रार्थना सभा में छात्र-छात्राएं रोजाना अखबारों की प्रमुख सुर्खियां पढ़ेंगे। इसके साथ ही कठिन शब्दों के अर्थ भी समझाए जाएंगे, जिससे विद्यार्थियों की भाषा पर पकड़ मजबूत हो सके और पढ़ने की आदत विकसित हो। यह फैसला छात्रों में बढ़ते स्क्रीन टाइम को कम करने और उन्हें किताबों व समाचारों से जोड़ने के उद्देश्य से लिया गया है। इसी क्रम में स्कूलों में मोबाइल फोन लाने पर भी पूरी तरह प्रतिबंध लगा दिया गया है।
गौरतलब है कि इससे पहले दिसंबर में अपर मुख्य सचिव पार्थ सारथी सेन शर्मा ने सभी विद्यालयों में समाचार पढ़ना अनिवार्य करने के निर्देश जारी किए थे। अब इसे शैक्षणिक कैलेंडर में शामिल कर दिया गया है, जिससे इसका नियमित पालन सुनिश्चित किया जा सके।
क्या बदल जाएगा?
- प्रार्थना सभा में रोज पढ़ी जाएंगी अखबारों की खबरें
- कठिन शब्दों का अर्थ समझाया जाएगा
- छात्रों की भाषा और सामान्य ज्ञान होगा मजबूत
- स्कूलों में मोबाइल फोन पूरी तरह प्रतिबंधित
इस नई पहल से उम्मीद है कि छात्र-छात्राओं में पढ़ने की रुचि बढ़ेगी और वे डिजिटल उपकरणों पर निर्भरता कम कर पाएंगे।



